Securities and Exchange Board of India (Stock Brokers) Regulations, 2026

SEBI/LAD-NRO/GN/2026/291 · 2026-01-07 · Securities and Exchange Board of India

Summary

This Part publishes the Securities and Exchange Board of India (Stock Brokers) Regulations, 2026 in Gazette Extraordinary No. 16 dated January 7, 2026, made under SEBI Act, 1992 sections 11(2), 12 read with 30. Regulation 1 provides that the regulations shall be called the SEBI (Stock Brokers) Regulations, 2026 and shall come into force on the date of publication in the Official Gazette. Regulation 2(1) defines key terms including Act, certificate, change in control, clearing corporation, clearing member, designated director and execution only platform. This part defines terms such as fraud, mule account, market abuse, professional clearing member, proprietary trading, qualified stock broker and regulatory sandbox by reference to other SEBI regulations and statutes. It provides that undefined words used in these regulations shall have the meanings assigned in the SEBI Act, Companies Act 2013, Securities Contracts (Regulation) Act 1956, Depositories Act 1996 or rules and regulations thereunder. It exempts registered stock brokers and clearing members from separate registration for the other function subject to approval and applies Chapters II, III, V, VI and VIII mutatis mutandis to

Text

बोर्ड, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (सेबी एक्ट, 1992) [1992 का 15] की धारा 11(2) तथा धारा 12 के साथ पठित धारा 30 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात्-

इन विनियमों को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (स्टॉक ब्रोकर) विनियम, 2026 कहा जा सकेगा।

ये विनियम राजपत्र में इनके प्रकाशित होने की तारीख से लागू होंगे।

“अधिनियम” का अर्थ है - भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (सेबी एक्ट, 1992) [1992 का 15];

“प्रमाणपत्र” का अर्थ है – बोर्ड द्वारा जारी किया गया रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट);

“नियंत्रण में परिवर्तन” – (i) का अर्थ उस कंपनी (बॉडी कारपोरेट) के मामले में, – (क) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (शेयरों का पर्याप्त अर्जन और अधिग्रहण) विनियम, 2011 [सेबी (सब्सटेंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर्स) रेग्यूलेशन्स, 2011] के विनियम 2(1)(ङ) में दी हुई नियंत्रण की परिभाषा के संदर्भ में लगाया जाएगा, जिसके शेयर किसी मान्यताप्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (लिस्टेड) हों; (ख) कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 2(27) में दी हुई नियंत्रण की परिभाषा के संदर्भ में लगाया जाएगा, जिसके शेयर किसी भी मान्यताप्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (लिस्टेड) न हों; (ii) कंपनी (बॉडी कारपोरेट) से भिन्न किसी और के मामले में, तब माना जाएगा, जब या तो कानूनी तौर पर उसका गठन जिस रूप में हुआ हो उसमें या मालिकाना हक (ओनरशिप) में कोई बदलाव हो जाए या फिर कंट्रोलिंग इंटरेस्ट (नियंत्रक हित) में कोई बदलाव हो जाए। स्पष्टीकरण – उप-खंड (ii) के सिलसिले में, शब्दों “कंट्रोलिंग इंटरेस्ट (नियंत्रक हित) का अर्थ है - कम से कम पचास प्रतिशत तक के मताधिकार या हित (इंटरेस्ट) [फिर चाहे प्रत्यक्ष रूप से हों या अप्रत्यक्ष रूप से];

“क्लीयरिंग कारपोरेशन” (समाशोधन निगम) का वही अर्थ होगा, जैसी परिभाषा प्रतिभूति संविदा (विनियमन) (स्टॉक एक्सचेंज और समाशोधन निगम) विनियम, 2018 [सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेग्यूलेशन) (स्टॉक एक्सचेंजेज एंड क्लीयरिंग कारपोरेशन्स) रेग्यूलेशन्स, 2018] के विनियम 2(1)(घ) में दी हुई है;

“क्लीयरिंग मेम्बर” (समाशोधन सदस्य) का अर्थ है - वह व्यक्ति, जिसके पास किसी मान्यताप्राप्त क्लीयरिंग कारपोरेशन में क्लीयरिंग (समाशोधन) और सेटलमेंट (निपटान) कराने के अधिकार हों;

“नामित निदेशक” (डेजिग्नेटेड डायरेक्टर) का अर्थ है - वह व्यक्ति, जिसे स्टॉक ब्रोकर या क्लीयरिंग मेम्बर द्वारा इस रूप में नामित किया गया हो, और जिसमें निम्नलिखित भी शामिल हैं - (i) यदि एंटिटी एक कंपनी हो, तो उसका प्रबंध निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) या पूर्णकालिक निदेशक (होल टाइम डायरेक्टर), जिसे निदेशक मंडल द्वारा विधिवत रूप से प्राधिकृत किया गया हो; (ii) यदि एंटिटी एक पार्टनरशिप फर्म (भागीदारी फर्म) हो तो उसका मैनेजिंग पार्टनर, और यदि एंटिटी एक लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (सीमित दायित्व भागीदारी) हो तो उसका डेजिग्नेटेड पार्टनर; (iii) यदि एंटिटी एक प्रोपराइटरशिप कंसर्न हो, तो उसका प्रोप्राइटर; और (iv) यदि स्टॉक ब्रोकर या क्लीयरिंग मेंबर ऊपर दी हुई किसी भी श्रेणी में न आता हो, तो ऐसा कोई दूसरा व्यक्ति या वर्ग के व्यक्ति, जिनके बारे में बोर्ड बताए;

“केवल सौदा पूरा कराने वाले प्लेटफॉर्म” (एग्जिक्यूशन ओनली प्लेटफॉर्म) का अर्थ है - ऐसा कोई डिजिटल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, जिसके जरिए म्यूचुअल फंड की किसी स्कीम के डायरेक्ट प्लान में पैसा लगाया जा सकता हो (सब्सक्रिप्शन किया जा सकता हो), उससे पैसा निकाला जा सकता हो (रिडेंप्शन किया जा सकता हो) और एक स्कीम से पैसा निकालकर दूसरी स्कीम में लगाया जा सकता (स्विच किया जा सकता) हो;

“धोखाधडी” (कपट / कपटपूणड) का िही अथड है, िैसी पररभाषा भारतीय प्रजतभूजत और जिजिमय बोडड [प्रजतभूजत बािार से संबंजधत कपटपूणड और अिजचत (अऋि) व्यापाररक व्यिहारों का प्रजतषेध] जिजियम, 2003 [सेबी (प्रोजहजबिि ऑफ फ्रॉड्यूलेंट एंड अिफे यर रेड प्रैजक्टसेज ररलेरटंग टू द जसक्यूररटीज माके ट) रे ग्यूलेिन्स, 2003] में इसके जलए दी हुई है;

"जिरीिण प्राजधकारी" का अथड है - िह व्यजि या िे व्यजि, जिन्हें बोडड द्वारा अध्याय-V के तहत प्रदाि की गई िजियों का प्रयोग करिे के जलए जियि ककया गया हो;

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Source: SecMarx — Securities and Exchange Board of India (Stock Brokers) Regulations, 2026. Verbatim text is public record; SecMarx structuring (linkage to applying orders) is cited to us.